
देव शास्त्र गुरु पर सच्ची श्रद्धा और उनका अनुसरण सम्यक दर्शन और मुक्ति दिला सकता है, ,,मुनि श्री विश्रुत
सागरजी।
शानी अमावस्या पर भगवान मुनीसूव्रत की बड़ी शांति धारा के साथ नवनिर्मित देशना मंडप का हुआ लोकार्पण।
खंडवा।। हम सभी के लिये सबसे बडा अरिष्टकारी ग्रह परिग्रह है, परिग्रह ही हमें भवों भवों तक भटकाता है ! जिसने परिग्रह त्याग दिया,उसका परिभ्रमण भी छूट जाता है। परिग्रह ही सबसे बडा पाप और सम्यक्त्व क्षरण का सबसे बडा कारण है। दान,पूजन,साधु सेवा और परिग्रह त्याग मोक्षमार्ग प्रशस्त करते हैं। संसार के सर्वोच्च वैभव को त्याग करने के बाद ही तीर्थंकर पद प्राप्त हुआ है, संसार के सुख भोगने वाला मोक्ष मार्गी नही हो सकता, यह उद्गार एक दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत नवकार नगर मुनीसूव्रत दिगंबर जैन मंदिर मै आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन देते हुए मुनि श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने व्यक्त कीये। मुनि श्री ने कहा कि सांस लेनी हो तो छोडनी भी पडती,एक कदम आगे बढाने के लिये दूसरा कदम पीछे करना होता है। उसी प्रकार त्याग और संयम से आगे बढा जा सकता है। अनंत सुख की प्राप्ति वैरागी को ही हो सकती है। साधु समागम,संगति,सेवा,श्रद्धा और भक्ति सम्यक्त्व लाते हैं , देव शास्त्र और गुरू पर सच्ची श्रद्धा और ऊनके बताये मार्ग का अनुकरण सम्यक दर्शन और मुक्ति दिला सकता है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया की शानी अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को प्रातः आयोजित कार्यक्रम में मुनिसंघ के सानिध्य में नवकार नगर मंदिर में महा अभिषेक ,धारा एवं मुनिसुव्रतनाथ विधान के अर्घ्य समर्पित किये गये। कार्यक्रम में पुरूषार्थ द्वारा महा शांतिधारा का सौभाग्य श्री जितेश गंगवाल एवं श्री विलास साखरे जी ने प्राप्त किया। श्रीजी के प्रथम अभिषेक का पुण्यार्जन राजैद्र छाबडा एवं श्री कैलाश पहाड़िया परिवार ने प्राप्त किया। सुनील जैन ने बताया कि नवकार नगर मंदिर मे आयोजित कार्यक्रम में सौधर्म इंद्र रूप में धारा एवं अर्घ्य समर्पित करने का सौभाग्य मंदिर के अध्यक्ष पंकज छाबडा परिवार ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में मंदिर प्रांगण के नवनिर्मित देशना मंडप का उद्घाटन भी सौधर्म इंद्र परिवार ने किया। कार्यक्रम में ब्रह्मचारी मोहन भैया , अतुल भैया एवं श्रीमती पायल जैन के स्वरों के साथ भक्तिमय पूजन किया गया। कार्यक्रम में पूज्य मुनिसंघ के पाद प्रक्षालन का पुण्यार्जन अजय जैन (टिंगू भैया) एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य दिलीप पाटोदी परिवार ने प्राप्त किया। पूज्य मुनि संघ की आहारचर्या श्रीमती चंचल छाबडा एवं श्रीमती कामिनी जैंन परिवार के सहयोग से संपन्न हुई।
स्मरण होवे पूज्य उपाध्याय संघ चातुर्मास हेतु सराफा जैन धर्मशाला में विराजित हैं, प्रतिदिन की भांति पुन: रविवार से प्रात:8.45 बजे प्रवचन सराफा धर्मशाला मे होंगे। मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन, प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष विजय सेठी,समाज के वीरेंद्र जैन,दिलीप पहाड़िया, मंदिर अध्यक्ष पंकज छाबडा, राजेंद्र छाबडा, अशोक पाटनी,सुभाष सेठी,पंकज सेठी, मनीष पाटनी, विपुल जैन,अविनाश जैन, पंकज जैन महल, अर्पित भैया, कैलाश पहाड़िया,सुनील जैन, अजय पाटनी,कुंजन जैन,सुरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे, कार्यक्रम का व्यवस्थापन नवकार नगर ट्रस्ट मंडल एवं मुनि सेवा समिती ने किया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार पंकज छाबड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया।











